Correct answer: (b) धूल कण
व्याख्या
- A
Carbon dioxide
कार्बन डाइऑक्साइड ग्रीनहाउस गैस है जो अवरक्त विकिरण अवशोषित करती है। इस प्रश्न में दृश्य सूर्यप्रकाश के प्रसार/प्रकीर्णन का प्रमुख कारक वह नहीं कही गई।
- B
धूल कण
वायु में धूल कण (एरोसोल) सूर्यप्रकाश का प्रकीर्णन और प्रसार करते हैं—टिंडल-प्रकार का प्रभाव जिससे किरणें और आकाश की बहुत-सी चमक बनती है। यही आधिकारिक कुंजी है।
- C
हीलियम
हीलियम अल्प मात्रा की अक्रिय गैस है, निम्न वायुमंडल में दृश्य प्रकाश का प्रकीर्णक नहीं।
- D
Water vapours
जल वाष्प अवरक्त अवशोषण और बादल निर्माण में मायने रखती है। इस सूची में प्रकाश के वायुमंडलीय प्रसार का कुंजीकृत कारण धूल कण है, जल वाष्प नहीं।
Summary. आधिकारिक कुंजी (b) है। सूक्ष्म एरोसोल छोटी तरंगदैर्घ्यों को प्रकीर्णित कर दिन का प्रकाश फैलाते हैं; यही बात एनसीईआरटी-शैली प्रकाशिकी और वायुमंडल अध्यायों में आती है। कार्बन डाइऑक्साइड और जल वाष्प विकिरण-बजट गैसें हैं, हीलियम दुर्लभ गैस। ग्रीनहाउस अंतर्ज्ञान से ‘जल वाष्प’ न लिखें। संग्रहीत अक्षर (b) मान्य है।
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