Correct answer: (c) सरदार वल्लभभाई पटेल
व्याख्या
- A
सोमनाथ लाहिड़ी
सोमनाथ लाहिड़ी संविधान सभा के एक कम्युनिस्ट सदस्य थे जो ब्रिटिश निर्मित प्रक्रियाओं की आलोचना के लिए जाने जाते थे। हालाँकि, उन्होंने पृथक मताधिकार और अंग्रेजों द्वारा छोड़ी गई शरारत के संबंध में यह विशिष्ट टिप्पणी नहीं की थी।
- B
जवाहरलाल नेहरू
जवाहरलाल नेहरू ने संविधान सभा में ऐतिहासिक उद्देश्य प्रस्ताव पेश किया और कई महत्वपूर्ण भाषण दिए। पृथक मताधिकार और औपनिवेशिक शरारत पर यह विशेष टिप्पणी उनकी नहीं है।
- C
सरदार वल्लभभाई पटेल
आधिकारिक कुंजी (c) सरदार वल्लभभाई पटेल है। सरदार वल्लभभाई पटेल ने संविधान सभा की बहसों के दौरान पृथक मताधिकार का कड़ा विरोध करते हुए यह जोरदार बयान दिया था। उन्होंने तर्क दिया कि अलग निर्वाचन क्षेत्र अंग्रेजों की छोड़ी हुई एक जहरीली विरासत थी जिसे देश को स्थायी रूप से विभाजित करने के लिए डिजाइन किया गया था। उनके दृष्टिकोण ने अंततः स्वतंत्र भारत में सांप्रदायिक निर्वाचन क्षेत्रों को समाप्त करने के लिए सभा के दृढ़ संकल्प को आकार दिया।
- D
एन.जी.रंगा
एन.जी. रंगा ने संविधान सभा में किसान और कृषि हितों का प्रतिनिधित्व किया और अक्सर सामाजिक-आर्थिक अधिकारों पर बात की। वे वह वक्ता नहीं थे जिन्होंने अंग्रेजों द्वारा छोड़ी गई शरारत के रूप में पृथक मताधिकार के खिलाफ चेतावनी दी थी।
Summary. आधिकारिक कुंजी (c) सरदार वल्लभभाई पटेल है। यह प्रश्न संविधान सभा की बहसों के दौरान सांप्रदायिक प्रतिनिधित्व के संबंध में दिए गए प्रमुख बयानों से परिचित होने की परीक्षा लेता है। सरदार वल्लभभाई पटेल ने अलग निर्वाचन क्षेत्रों के खिलाफ पुरजोर वकालत की और उन्हें एक खतरनाक औपनिवेशिक उपकरण माना। जबकि नेहरू और लाहिड़ी जैसे अन्य नेता भी सक्रिय भागीदार थे, यह विशिष्ट उद्धरण पटेल को दिया गया है। उम्मीदवारों को संविधान सभा के प्रमुख उद्धरणों को उनके सही लेखकों के साथ सावधानीपूर्वक जोड़ना चाहिए।