Q47 · UPPSC Prelims 2021 · Set D · General Studies

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कोविड-19 महामारी की दूसरी तहर के समय किस संस्थान ने नाइट्रोजन जनरेटर को ऑक्सीजन जनरेटर में बदलने का प्रदर्शन किया था?

A भारतीय विज्ञान संस्थान, बेंगलुरु
B IIT, Bombay
C आई.आई.टी., मद्रास
D आई.आई.टी., कानपुर

Correct answer: (b) IIT, Bombay

व्याख्या

  1. A

    भारतीय विज्ञान संस्थान, बेंगलुरु

    (a) भारतीय विज्ञान संस्थान, बेंगलुरु। संस्थान ने अन्य कोविड कार्य किए; नाइट्रोजन-से-ऑक्सीजन जनरेटर रूपांतरण इस कुंजी पर यही संस्थान नहीं है।

  2. B

    IIT, Bombay

    (b) आईआईटी, बम्बई। 2021 की दूसरी कोविड-19 लहर में भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान बम्बई ने औद्योगिक नाइट्रोजन जनरेटर (दाब-स्विंग अधिशोषण संयंत्र) को अस्पतालों के लिए ऑक्सीजन जनरेटर में बदलने का प्रदर्शन किया। यही प्रदर्शन आधिकारिक कुंजी है।

  3. C

    आई.आई.टी., मद्रास

    (c) आईआईटी, मद्रास। मद्रास ने अन्य ऑक्सीजन-चिकित्सा नवाचार दिए, प्रश्न की कुंजी पर यह रूपांतरण नहीं।

  4. D

    आई.आई.टी., कानपुर

    (d) आईआईटी, कानपुर। कानपुर अन्य परिसर का भ्रामक विकल्प है, कुंजीकृत संस्थान नहीं।

Summary. आधिकारिक कुंजी (b) है। आईआईटी, बम्बई। 2021 की दूसरी लहर के ऑक्सीजन संकट ने परिसरों को नाइट्रोजन दाब-स्विंग संयंत्र ऑक्सीजन समृद्ध करने को प्रेरित किया। बम्बई का प्रदर्शन प्रश्न की कुंजी है। भारतीय विज्ञान संस्थान, मद्रास और कानपुर पड़ोसी संस्थान हैं, यह रूपांतरण नहीं। चिकित्सकीय ऑक्सीजन प्रायः 93 प्रतिशत श्रेणी का दाब-स्विंग निर्गम है, औद्योगिक नाइट्रोजन नहीं।