Correct answer: (b) Ikshvakus
व्याख्या
- A
वाकाटक
(a) वाकाटक। पुराण वाकाटकों को विंध्य-विदर्भ का दक्कन वंश मानते हैं, श्रीपर्वतीय नहीं। उनकी राजधानी नंदीवर्धन और प्रवरपुर की पंक्ति है।
- B
Ikshvakus
(b) इक्ष्वाकु। पुराण कृष्णा-गुंटूर क्षेत्र के आंध्र इक्ष्वाकुओं को श्रीपर्वत (नागार्जुनकोंडा) के कारण श्रीपर्वतीय कहते हैं। यही आधिकारिक कुंजी है; यह संज्ञा वाकाटक, शक या खारवेल के लिए नहीं है।
- C
शक
(c) शक। शक/क्षत्रप पश्चिम और उत्तर-पश्चिम के हैं, श्रीपर्वत आंध्र के नहीं।
- D
खारवेल
(d) खारवेल। खारवेल कलिंग का चेदि-महामेघवाहन राजा है, हाथीगुम्फा अभिलेख से ज्ञात; पुराणों का श्रीपर्वतीय नहीं।
Summary. आधिकारिक कुंजी (b) है। इक्ष्वाकु। पुराण सातवाहन-उत्तर आंध्र तट के इक्ष्वाकुओं को श्रीपर्वतीय कहते हैं, श्रीपर्वत से जोड़कर। वाकाटक विदर्भ के, शक पश्चिम के, खारवेल कलिंग के हैं। इस प्रश्न पर केवल इक्ष्वाकु वंश वह पुराण-विशेषण रखता है।