Correct answer: (a) (A) और (R) दोनों सही हैं और (R), (A) की सही व्याख्या करता है
व्याख्या
- A
(A) और (R) दोनों सही हैं और (R), (A) की सही व्याख्या करता है
(a) (A) और (R) दोनों सही हैं और (R), (A) की सही व्याख्या करता है। चोलों का असाधारण विवरण इसलिए है कि उन्होंने मंदिर दीवारों पर दीर्घ ऐतिहासिक प्रशस्तियाँ खुदवाईं (तंजावुर, गंगैकोंडचोलपुरम)। यही अभिलेखीय चलन कथन को सत्य बनाता है, अतः (R), (A) की व्याख्या है। आधिकारिक कुंजी।
- B
(A) और (R) दोनों सही हैं परंतु (R), (A) की सही व्याख्या नहीं करता है
(b) दोनों सत्य पर (R) व्याख्या नहीं। दोनों अंग सत्य हैं, फिर भी दीवार-अभिलेख ही चोल आख्यान की अधिकता का कारण है, अतः (R) व्याख्या करता है।
- C
(A) सत्य है, किन्तु (R) असत्य है है परंतु (R) गलत है
(c) (A) सत्य, (R) असत्य। (R) असत्य नहीं: चोल राजा तमिल और संस्कृत में मंदिर दीवारों पर विजय और दान लिखवाते थे।
- D
(A) असत्य है, किन्तु (R) सत्य है है परंतु (R) सही है
(d) (A) असत्य, (R) सत्य। कथन सत्य है; पल्लव-पांड्य पूर्ववर्तियों ने चोल संग्रह से कहीं छोटे राजनीतिक आख्यान छोड़े।
Summary. आधिकारिक कुंजी (a) है। कथन और कारण दोनों सत्य हैं, और मंदिर-दीवार के ऐतिहासिक अभिलेख ही चोल इतिहास को पूर्व तमिल वंशों से अधिक पूरा बनाते हैं। उत्तरीमेरुर, तंजावुर राजराजेश्वर और ताम्रपट्ट इसी चलन में बैठते हैं। (b) कारण-कड़ी काटता है; (c) और (d) एक सत्य अंग को झुठलाते हैं।