Q116 · UPPSC Prelims 2020 · Set A · General Studies

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नीचे दो कथन दिए हैं, जिनमें एक को कथन (A) और दूसरे कोकारण (R) :कहा गया है- -कथन (A): भारतीय राजनीतिक व्यवस्था की प्रकृति में “निरन्तरता एवं परिवर्तन' के तत्व मूर्त रूप में पाये जाते हैं। कारण (1): भारतीय राजनीतिक व्यवस्था में निम्न राजनीतिक कार्यशैलियों जैसे-आधुनिक शैली, परम्परागत शैली तथा संत शैली के तत्व समाहित है।

A (A) और (R) दोनों सही हैं और (R), (A) की सही व्याख्या करता है
B (A) और (R) दोनों सही हैं परंतु (R), (A) की सही व्याख्या नहीं करता है
C (A) सत्य है, किन्तु (R) असत्य है है परंतु (R) गलत है
D (A) असत्य है, किन्तु (R) सत्य है है परंतु (R) सही है

Correct answer: (a) (A) और (R) दोनों सही हैं और (R), (A) की सही व्याख्या करता है

व्याख्या

  1. A

    (A) और (R) दोनों सही हैं और (R), (A) की सही व्याख्या करता है

    (A) और (R) दोनों सत्य हैं और (R), (A) की व्याख्या करता है। भारतीय राजनीति निरंतरता और परिवर्तन का मिश्रण इसलिए है कि आधुनिक, परंपरागत और संत शैलियाँ साथ चलती हैं। यही आधिकारिक कुंजी है।

  2. B

    (A) और (R) दोनों सही हैं परंतु (R), (A) की सही व्याख्या नहीं करता है

    (R) को गैर-व्याख्या मानना पाठ्य-कड़ी छोड़ देगा: तीन शैलियाँ ही निरंतरता-परिवर्तन का कारण हैं।

  3. C

    (A) सत्य है, किन्तु (R) असत्य है है परंतु (R) गलत है

    (R) असत्य नहीं; तीन-शैली वर्णन भारतीय व्यवस्था का मान्य पाठ है।

  4. D

    (A) असत्य है, किन्तु (R) सत्य है है परंतु (R) सही है

    (A) असत्य नहीं; 1947 के बाद भारतीय राजनीति का प्रचलित वर्णन ‘निरंतरता और परिवर्तन’ है।

Summary. आधिकारिक कुंजी (a) है। अभिकथन व्यवस्था का स्वरूप कहता है; कारण वे तीन शैलियाँ नाम देता है जो वह मिश्रण पैदा करती हैं। संग्रहीत अक्षर (a) मान्य है।