Correct answer: (a) (A) और (R) दोनों सही हैं और (R), (A) की सही व्याख्या करता है
व्याख्या
- A
(A) और (R) दोनों सही हैं और (R), (A) की सही व्याख्या करता है
(a) (A) और (R) दोनों सही हैं और (R), (A) की सही व्याख्या करता है। कंपनी ने विभिन्न प्रांतों में जमींदारी, रैयतवाड़ी और महलवाड़ी रोपे। उस क्षेत्रीय मिश्रण से जमींदार, दखल रैयत, इच्छानुसार काश्तकार और अन्य किसान वर्ग बने। प्रश्न-पत्र (R) को इन व्यवस्थाओं के महत्व—और कथन के परिणाम—की व्याख्या मानता है। आधिकारिक कुंजी।
- B
(A) और (R) दोनों सही हैं परंतु (R), (A) की सही व्याख्या नहीं करता है
(b) दोनों सत्य पर (R) व्याख्या नहीं। दोनों अंग सत्य हैं; इस कुंजी पर विभेदित किसान वर्ग अलग राजस्व प्रयोगों का व्याख्यात्मक परिणाम है, अतः (R) को (A) की व्याख्या माना गया है।
- C
(A) सत्य है, किन्तु (R) असत्य है है परंतु (R) गलत है
(c) (A) सत्य, (R) असत्य। (R) असत्य नहीं: स्थायी बंदोबस्त, रैयतवाड़ी और महलवाड़ी ने कृषि वर्ग स्तरित किये।
- D
(A) असत्य है, किन्तु (R) सत्य है है परंतु (R) सही है
(d) (A) असत्य, (R) सत्य। कथन सत्य है; बंगाल, मद्रास-बंबई और उत्तर-पश्चिमी प्रांतों का एक राजस्व संहिता नहीं था।
Summary. आधिकारिक कुंजी (a) है। कथन और कारण दोनों सत्य हैं, और आयोग भिन्न भू-राजस्व व्यवस्थाओं को भिन्न किसान वर्गों के निर्माण से जोड़ता है। स्थायी बंदोबस्त (1793) ने जमींदार बनाये; मुनरो-रीड रैयतवाड़ी किसान-स्वामी प्रकार; महलवाड़ी ग्राम-निकाय प्रकार। (b) वह कड़ी काटता है; (c) और (d) एक सत्य अंग नकारते हैं।