Correct answer: (c) 3 1 4 2
व्याख्या
- A
1 2 3 4
कूट 1 2 3 4 धनंजय–अवमुक्त और विष्णुगोपा–पालक्का देगा, जो पत्र में प्रयुक्त इलाहाबाद स्तंभ पहचान से नहीं मिलता। अतः यह विकल्प कुंजी नहीं है।
- B
2 1 4 3
कूट 2 1 4 3 धनंजय को कांची पर रखता है, जो विष्णुगोपा का है। अतः यह विकल्प गलत है।
- C
3 1 4 2
समुद्रगुप्त की दक्षिणी सूची धनंजय कुस्तलपुर, नीलराज अवमुक्त, उग्रसेन पालक्का और विष्णुगोपा कांची पढ़ी जाती है, अर्थात् 3, 1, 4, 2। यही आधिकारिक कुंजी है।
- D
4 3 2 1
कूट 4 3 2 1 चारों युग्म बिगाड़ देता है। अतः यह विकल्प कुंजी नहीं है।
Summary. आधिकारिक कुंजी (c) है। प्रयाग प्रशस्ति कई दक्षिणपथ नरेशों को नाम देती है जिन्हें समुद्रगुप्त ने पकड़कर छोड़ दिया। विष्णुगोपा कांची के पल्लव हैं। कुस्तलपुर, अवमुक्त और पालक्का कुंजी के अनुसार पूरे होते हैं। वही सुमेल केवल (c) रखता है।