Q65 · UPPSC Prelims 2018 · Set B · General Studies

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भारत के संविधान की प्रस्तावना में कितने प्रकार का न्याय, स्वतंत्रता, समानता एवं भ्रातृत्व का उसी क्रम में उल्लेऽ किया गया है?

A 3, 5, 2, 1
B 1, 3, 5, 2
C 2, 5, 3, 1
D 5, 2, 1, 3

Correct answer: (a) 3, 5, 2, 1

व्याख्या

  1. A

    3, 5, 2, 1

    प्रस्तावना तीन न्याय (सामाजिक, आर्थिक, राजनीतिक), पाँच स्वतंत्रता (विचार, अभिव्यक्ति, विश्वास, श्रद्धा और उपासना), दो समानता (प्रतिष्ठा और अवसर) तथा एक भ्रातृत्व नाम देती है। पूछा गया क्रम न्याय, स्वतंत्रता, समानता, भ्रातृत्व है, अतः 3, 5, 2, 1। यही आधिकारिक कुंजी है।

  2. B

    1, 3, 5, 2

    1, 3, 5, 2 उन गणनाओं से नहीं मिलता। प्रस्तावना के पाठ में न्याय एक-आयामी नहीं है। अतः यह विकल्प गलत है।

  3. C

    2, 5, 3, 1

    2, 5, 3, 1 न्याय और समानता की संख्याएँ बदल देता है। समानता द्विविध है, न्याय त्रिविध। अतः यह विकल्प कुंजी नहीं है।

  4. D

    5, 2, 1, 3

    5, 2, 1, 3 योजना उलट देता है। पाँच-आयामी स्वतंत्रता है, न्याय नहीं। अतः यह विकल्प कुंजी नहीं है।

Summary. आधिकारिक कुंजी (a) है। प्रस्तावना का न्याय सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक है। स्वतंत्रता विचार, अभिव्यक्ति, विश्वास, श्रद्धा और उपासना की है। समानता प्रतिष्ठा और अवसर की है। भ्रातृत्व एक आश्वासन है, गरिमा और एकता का। केवल (a) वही क्रम और संख्याएँ रखता है।