Revision summary
जीएसटी के बाद उ.प्र. कर सुधार मुख्यतः स्टांप शुल्क, विद्युत शुल्क, एसजीएसटी प्रोत्साहन और ऑनलाइन वाणिज्य कर है। औद्योगिक नीति संयंत्र आकर्षित करने के लिए ये तीन राज्य उपकरण प्रयोग करती है। डिजिटल पंजीकरण और ई-वे बिल अनुपालन विलंब काटते हैं। परिवार जीएसटी दरों से अधिक स्टांप-शुल्क रियायत देखते हैं, जो संघ-नेतृत्व वाली हैं। राज्य जीएसटी स्लैब नहीं लिख सकता; वह प्रशासन और संपत्ति-जुड़े कर बेहतर चला सकता है।
Model answer
Introduction
उत्तर प्रदेश की कर नीति अब राष्ट्रीय जीएसटी ढाँचे के भीतर है, इसलिए राज्य सुधार मुख्यतः स्टांप शुल्क, विद्युत शुल्क, एसजीएसटी-जुड़े प्रोत्साहन और डिजिटल अनुपालन पर है। हालिया कदम राज्य को निवेश के लिए सस्ता और भुगतान के लिए सरल बनाना चाहते हैं, अलग वैट राज बनाए बिना।
Body
क्या बदला है
- स्टांप शुल्क और पंजीकरण डिजिटल हुए हैं, और महिलाओं के क्रय तथा चयनित औद्योगिक व आवासीय लेनदेन पर रियायती दरें प्रयुक्त हुई हैं।
- औद्योगिक निवेश एवं रोजगार प्रोत्साहन नीति नए इकाइयों के लिए एसजीएसटी प्रतिपूर्ति, स्टांप-शुल्क राहत और विद्युत-शुल्क छूट को मुख्य राज्य कर उपकरण बनाती है।
- वाणिज्य कर प्रशासन ई-पंजीकरण, ई-रिटर्न और जीएसटी के साथ ई-वे बिल एकीकरण से ऑनलाइन हुआ है, जिससे निरीक्षक विलंब घटता है।
- आईटी, डेटा सेंटर और रक्षा गलियारे की क्षेत्रीय नीतियाँ वही कर राहत दोहराती हैं ताकि नए संयंत्र को अलग स्थानीय उपकर भूलभुलैया न झेलनी पड़े।
- फेसलेस या डेस्क आकलन और शिकायत पोर्टल सर्कल कार्यालय पर नकद रिसाव घटाने के लिए हैं।
सुधार क्यों मायने रखते हैं
- स्थल-रुद्ध राज्य केवल दर पर नहीं, कर चुकाने की सरलता पर प्रतिस्पर्धा करता है, इसलिए निवेश मित्र और इन्वेस्ट यू.पी. कर स्वीकृति को सिंगल-विंडो सेवा का भाग मानते हैं।
- परिवार जीएसटी से अधिक स्टांप-शुल्क कटौती महसूस करते हैं, क्योंकि जीएसटी दरें संघ-नेतृत्व वाली हैं; राज्य का दृश्य सुधार इसलिए संपत्ति और विद्युत शुल्क है।
- सीमा यह है कि जीएसटी स्लैब, मुआवजा और इनपुट कर क्रेडिट केंद्रीय कानून रहते हैं, इसलिए लखनऊ सबसे बड़ा अप्रत्यक्ष कर स्वयं नहीं लिख सकता।
Flow diagram
flowchart TD G[जीएसटी ढाँचा] --> S[स्टांप विद्युत एसजीएसटी उपकरण] S --> I[उद्योग और आवास] D[डिजिटल रिटर्न ई-वे] --> C[कम निरीक्षक विलंब] I --> E[निवेश] C --> E
Conclusion
हालिया उ.प्र. कर सुधार डिजिटल अनुपालन तथा स्टांप शुल्क, विद्युत शुल्क और एसजीएसटी-जुड़ी औद्योगिक राहत है। यह निवेश सहारा देता है और भुगतान सरल करता है, किंतु जीएसटी का केंद्र संघ डिजाइन रहता है, इसलिए राज्य सुधार को प्रशासन और संपत्ति कर पर तौलना चाहिए, नई स्लैब गढ़ने पर नहीं।
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क्या उत्तर प्रदेश स्वयं जीएसटी दरें काट सकता है?
नहीं। जीएसटी दरें जीएसटी परिषद तय करती है। राज्य स्टांप शुल्क, विद्युत शुल्क और एसजीएसटी प्रतिपूर्ति अपने लीवर के रूप में प्रयोग करता है।
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क्या निवेश मित्र कर कानून है?
नहीं। वह सिंगल-विंडो पोर्टल है जिस पर कर और अन्य स्वीकृतियाँ दाखिल होती हैं; कर संविधि अलग रहती हैं।
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