Q11 · UPPSC PCS मुख्य परीक्षा 2025 · GS V (UP) · 12 अंक · कक्ष में ~200 शब्द · 2 min read

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“प्राचीन मथुरा जैन पुरातात्त्विक स्रोतों का उद्गम-स्थल था।” ब्रज क्षेत्र के जैन पुरातात्त्विक स्थलों के आधार पर इस कथन को स्पष्ट कीजिए।

विषय: UP history, civilisation and culture. पाठ्यक्रम: History, Civilisation, Culture and Ancient Cities of UP. Architecture, museums, archives and archaeology of UP. वही आधिकारिक प्रश्न वर्ष 2025 और UP history, civilisation and culture से।

Revision summary

मथुरा का कंकाली टीला ब्रज में मुख्य प्रारंभिक जैन पुरातात्त्विक खान है। आयागपट्ट, जिन प्रतिमाएँ और कुषाण अभिलेख दिनांकित संग्रह बनाते हैं। गर्भ रूपक उत्तर भारतीय पत्थर अभिलेख है, जैन धर्म का जन्म स्वयं नहीं। कामां सांस्कृतिक ब्रज है किंतु राजस्थान में है। देवगढ़ के जैन मंदिर मध्यकालीन बुंदेलखंड हैं, ब्रज प्रमाण नहीं।

Model answer

Introduction

कुषाण मथुरा ने उत्तर भारत में जैन प्रतिमाओं, अभिलेखों और आयागपट्टों का सबसे बड़ा प्रारंभिक भंडार दिया। कथन ब्रज पुरातत्त्व के लिए तब सत्य है जब वह कंकाली टीला से बँधे, उत्तर प्रदेश के हर बाद के जैन मंदिर से नहीं।

Body

मथुरा को जैन स्रोतों का गर्भ क्यों कहते हैं

  • मथुरा नगर के दक्षिण कंकाली टीला, जैन टीले, की खुदाई से कुषाण शताब्दियों का ईंट स्तूप, तीर्थंकर प्रतिमाएँ, दाता अभिलेख और पत्थर आयागपट्ट मिले।
  • वे खोजें वह दिनांकित संग्रह बनीं जिनसे इतिहासकार प्रारंभिक जैन प्रतिमाशास्त्र, मठ दान और मथुरा कला स्कूल पढ़ते हैं।
  • आयागपट्ट चौकोर दान पट्ट हैं जिन पर जिन, स्तूप या नंदिपद है; वे मथुरा की विशेषता हैं और बाद के मध्यकालीन जैन स्थलों पर सामान्य खोज नहीं।
  • अभिलेख श्रावक दाताओं और जैन गणों के नाम देते हैं, इसलिए टीला केवल मूर्ति ढेर नहीं, अभिलेखीय संग्रह है।

अन्य ब्रज बिंदु, सटीक रखे

  • कठोर अर्थ में ब्रज उत्तर प्रदेश की मथुरा–वृंदावन–गोवर्धन पट्टी है; भरतपुर का कामां सांस्कृतिक ब्रज है किंतु राजस्थान में है, इसलिए उसे केवल सीमा सादृश्य कहा जा सकता है, यूपी स्थल नहीं।
  • ललितपुर का देवगढ़ महत्वपूर्ण मध्यकालीन जैन मंदिर समूह रखता है, फिर भी वह बुंदेलखंड है, ब्रज नहीं; वह मथुरा-गर्भ दावे को सिद्ध नहीं कर सकता।
  • वृंदावन और ब्रज के अन्य बाद के जैन मंदिर भक्ति से जीवित हैं; वे कुषाण पुरातात्त्विक गर्भ नहीं हैं।

कथन का स्पष्टीकरण

  • प्राचीन मथुरा जैन पुरातात्त्विक स्रोतों का गर्भ इसलिए था कि कंकाली टीला और उसके आयागपट्ट अभी भी प्रारंभिक जैन कला की पाठ्य पुस्तक चलाते हैं।
  • वाक्य रूपक है: जैन धर्म मथुरा से पुराना और व्यापक था, किंतु उत्तर का बचा प्रारंभिक पत्थर अभिलेख यहाँ संकेंद्रित है।

Flow diagram

flowchart TD
  M[कुषाण मथुरा] --> K[कंकाली टीला]
  K --> A[आयागपट्ट प्रतिमा अभिलेख]
  A --> S[प्रारंभिक जैन संग्रह]
  D[देवगढ़ ललितपुर] --> L[बाद का बुंदेलखंड ब्रज नहीं]

Conclusion

कथन ब्रज के लिए तब ठहरता है जब उसका अर्थ कंकाली टीला, कुषाण जैन प्रतिमाएँ और मथुरा के आयागपट्ट हो। देवगढ़ बाद की यूपी जैन वास्तुकला है, और कामां राजस्थान रेखा के पार ब्रज संस्कृति है, इसलिए उन्हें उसी टीले में नहीं मिलाना चाहिए।

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Students also ask

  • Elucidate the significance of Magh Mela and Kumbh Mela in the culture of Uttar Pradesh and focus on their salient features.

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  • क्या कथन का अर्थ है कि जैन धर्म मथुरा में शुरू हुआ?

    नहीं। अर्थ यह है कि उत्तर का सबसे समृद्ध प्रारंभिक जैन पत्थर अभिलेख मथुरा से, विशेषकर कंकाली टीला से आता है।

  • क्या देवगढ़ को ब्रज स्थल कहा जाए?

    नहीं। देवगढ़ ललितपुर, बुंदेलखंड में है। वह बाद का यूपी जैन निर्माण दिखाता है, कुषाण ब्रज पुरातत्त्व नहीं।

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