Revision summary
छठी शताब्दी के यूपी में एक ही गंगा–तराई मानचित्र पर गण और राज्य थे। पिपरहवा–कपिलवस्तु के शाक्य और कुशीनगर के मल्ल यूपी भूमि के मुख्य गणराज्य हैं। कोलिय और मोरिय छोटे पड़ोसी संघ थे। व्यवस्था गणमुख्य वाली क्षत्रिय परिषद थी, बहस और सीमित मत के साथ। काशी, कोसल और वत्स राजतंत्र थे, उन्हें अलग रखें।
Model answer
Introduction
छठी शताब्दी ईसा पूर्व के मध्य गंगा मैदान में राजतंत्र और क्षत्रिय गण दोनों थे। उत्तर प्रदेश के भूगोल पर नाम लेने योग्य गण मुख्यतः पूर्वी तराई के शाक्य और मल्ल हैं, कोसल या वत्स नहीं जो राज्य थे।
Body
यूपी भूमि के प्रमुख गण
- कपिलवस्तु के शाक्यों का हृदय यूपी–नेपाल किनारे था; आज सिद्धार्थनगर जनपद का पिपरहवा उस संघ से जुड़ा उत्तर प्रदेश का प्रमुख उत्खनन स्थल है।
- मल्लों के पास कुशीनारा, अब कुशीनगर, और पावा थे; बुद्ध के अंतिम दिन और धातु-विभाजन इसे पूर्वी उत्तर प्रदेश का स्पष्ट स्थित गण बनाते हैं।
- उसी पट्टी के छोटे पड़ोसी गण—रामग्राम के कोलिय और पिप्पलिवन के मोरिय—उसी तराई गलियारे पर बैठे, यद्यपि उनकी राजधानियाँ पुरातत्त्व में पतली हैं।
- श्रावस्ती का कोसल, वाराणसी का काशी और कौशाम्बी का वत्स राजतंत्र थे; उन्हें गणराज्य सूची में नहीं रखना चाहिए।
गण-संघ की राजनीतिक व्यवस्था
- शक्ति क्षत्रिय कुल परिषद में थी, कोसल जैसे एक वंशानुगत राजा में नहीं; गणमुख्य समानों में प्रथम था जो परिषद की ओर से बोलता था।
- युद्ध, संधि और निर्वासन संथागार में विवादित होते थे; बौद्ध ग्रंथ बार-बार सभा और सहमति की प्रशंसा करते हैं, और संघ प्रक्रिया में शलाका मत का उल्लेख करते हैं।
- व्यापक नागरिक मताधिकार नहीं था: भूमिधारी क्षत्रिय शासन करते थे; दास, शिल्पी और अधीन गाँव सभा-कक्ष में नहीं बैठते थे।
- बाद में मगध और कोसल ने इन गणों को दबाया, इसलिए पूर्वी यूपी का छठी शताब्दी मानचित्र बड़े राज्यों के बगल में अल्पकालिक गण पट्टी है।
Flow diagram
flowchart TD G[गण संघ] --> Sh[शाक्य पिपरहवा] G --> M[मल्ल कुशीनगर] G --> A[कुल परिषद] A --> H[गणमुख्य] Kos[कोसल काशी वत्स] --> King[राजतंत्र गण नहीं]
Conclusion
छठी शताब्दी ईसा पूर्व में उत्तर प्रदेश में स्थित प्रमुख गणराज्य सिद्धार्थनगर–कपिलवस्तु पट्टी के शाक्य और कुशीनगर के मल्ल थे, साथ छोटे तराई गण। उनकी व्यवस्था क्षत्रिय सभा-राज्य थी, आधुनिक लोकतंत्र नहीं और काशी, कोसल या वत्स का राजतंत्र नहीं।
Quick related
Students also ask
-
What was the policy of the British Government towards the Taluqdars of Awadh after the Revolt of 1857?
Next question in the 2024 paper (Q3). View answer →
-
क्या वज्जि संघ उत्तर प्रदेश में था?
उसका प्रसिद्ध लिच्छवि केंद्र बिहार का वैशाली था। यूपी के अपने नामित गण मुख्यतः शाक्य और मल्ल हैं।
-
क्या गण में हर वयस्क मत देता था?
नहीं। सभा शासक क्षत्रिय कुलों की थी। वह कुलीनतंत्र था, जन मताधिकार नहीं।
समान विषय · पिछले पेपर
UPPSC ने यह पहले भी पूछा है
ये पिछले वर्षों के प्रश्न उसी विषय पर हैं। अभ्यास के लिए खोलें।
-
2024 · Q20 · UPGS5 · 12 marks
Write a note on 'Failure and future of public schooling education' in Uttar Pradesh.
More from this paper
Q1 · UPSC Mains 2024 · UPGS5 · 8 marks · Solution
प्राचीन भारत में ‘प्रयागराज’ के सांस्कृतिक महत्व का वर्णन कीजिए।
UP history, civilisation and culture
प्राचीन प्रयाग आज के प्रयागराज, उत्तर प्रदेश में गंगा–यमुना संगम है। पौराणिक माहात्म्य और महाभारत इसे अक्षयवट वाला मोक्ष तीर्थ बनाते हैं। कौशाम्बी और अशोक स्तंभ पट्टी को मगध और वत्स शक्ति से जोड़ते हैं। ह्वेनसांग संगम पर हर्ष की दान-सभाएँ लिखता है। स्थल साझा पवित्र और राजकीय भूगोल है, केवल बाद का नगर नाम नहीं।
Q3 · UPSC Mains 2024 · UPGS5 · 8 marks · Solution
1857 के विद्रोह के बाद अवध के तालुकेदारों के प्रति ब्रिटिश सरकार की नीति क्या थी?
UP in the freedom struggle
1856 विलय और सारांश बंदोबस्त ने अवध तालुकेदारों को 1857 में धकेला। विद्रोह के बाद ब्रिटेन ने संनद से उन्हें जागीर स्वामी बहाल किया। अवध एस्टेट्स अधिनियम, 1869 ने ज़मींदार हक और उत्तराधिकार कठोर किए। तालुकेदार लखनऊ के गिर्द क्राउन शासन के ग्रामीण मित्र बने। किसान पूर्व-विद्रोह बंदोबस्त का दखल झुकाव खो बैठे।
Q4 · UPSC Mains 2024 · UPGS5 · 8 marks · Solution
उत्तर प्रदेश में स्वास्थ्य अवसंरचना को सुदृढ़ करने के लिए राज्य सरकार के प्रयासों को आलोचनात्मक रूप से स्पष्ट कीजिए।
Health and education in UP
यूपी ने मेडिकल कॉलेज, एम्स परिसर, जनपद अस्पताल और वेलनेस केंद्र जोड़े। 108/102 एम्बुलेंस और कोविड ऑक्सीजन प्लांट ने रेफरल घना किया। आयुष्मान भारत वहाँ निजी देखभाल कवर करता है जहाँ सार्वजनिक बिस्तर कम हैं। सीएचसी विशेषज्ञ रिक्ति तथा बुंदेलखंड और पूर्वांचल की ग्रामीण पोस्टिंग कठिन अंतर हैं। बीमा और भवन अकेले नवजात और एनीमिया जोखिम बंद नहीं करते।