Revision summary
1991 उदारीकरण ने सार्वजनिक कारखाने को मुख्य नौकरी स्रोत के रूप में धीमा किया। सेवाओं और निर्माण ने काम का बड़ा हिस्सा लिया; संगठित विनिर्माण अक्सर नियमित नौकरियों के बिना बढ़ा। अनौपचारिक और ठेका स्थिति बढ़ी, इसलिए कई नई नौकरियाँ असुरक्षित हैं। महिला भागीदारी जीडीपी के साथ कदम से कदम नहीं बढ़ी। पीएलआई 1991 की खुली अर्थव्यवस्था बंद किए बिना विनिर्माण नौकरियाँ जोड़ने की कोशिश करता है।
Model answer
Introduction
1991 की नई आर्थिक नीति ने व्यापार खोला, औद्योगिक लाइसेंस काटा और निजी व विदेशी पूँजी बुलाई। रोजगार पुराने सार्वजनिक-कारखाना साँचे में नहीं रहा। संरचना सेवाओं और अनौपचारिक काम की ओर खिसकी, जो रोजगार में लाभ और सुरक्षा में हानि दोनों है।
Body
संरचना कैसे बदली
- विनिवेश और राजकोषीय सावधानी के साथ सार्वजनिक क्षेत्र की भर्ती धीमी पड़ी और लाइसेंस-राज कारखाना डिफ़ॉल्ट नौकरी मशीन नहीं रहा।
- संगठित विनिर्माण नियमित पेरोल से अधिक उत्पादन में बढ़ा, जो 2000 के दशक की जॉबलेस-ग्रोथ शिकायत है।
- सेवाएँ — आईटी, दूरसंचार, व्यापार, रसद और वित्त — जीडीपी और शहरी नौकरियों में बढ़ता हिस्सा लेने लगीं।
- निर्माण और अनौपचारिक विनिर्माण ने खेत छोड़ने वाले ग्रामीण श्रम को समेटा जो औपचारिक कारखाने में नहीं घुसा।
मूल्यांकन
- खुलेपन ने निर्यात और निजी-सेवा नौकरियाँ बनाईं जिन्हें 1991-पूर्व बंद अर्थव्यवस्था पैमाना नहीं दे सकती थी।
- अनियतकरण, ठेका श्रम और बाद का गिग काम मतलब कई नई नौकरियों में ईपीएफओ, ईएसआई या लिखित मजदूरी नहीं है।
- महिला श्रम-बल भागीदारी वर्षों कमजोर रही, इसलिए संरचनात्मक बदलाव केवल क्षेत्रीय नहीं, लैंगिक भी था।
- उत्पादन-आधारित प्रोत्साहन (पीएलआई) और हाल के विनिर्माण मिशन इलेक्ट्रॉनिक्स, फार्मा और ऑटो में नौकरियाँ खींचने की कोशिश करते हैं; वे 1991 झुकाव की मरम्मत हैं, उदारीकरण का उलटाव नहीं।
Flow diagram
flowchart TD N[एनईपी 1991 एलपीजी] --> S[सेवा आईटी व्यापार] N --> I[अनौपचारिक ठेका गिग] N --> P[सार्वजनिक कारखाना धीमा] PLI[पीएलआई विनिर्माण] --> M[गाढ़ी कारखाना नौकरी] S --> E[रोजगार संरचना] I[I] --> E[E] M[M] --> E[E]
Conclusion
एनईपी 1991 ने रोजगार को सार्वजनिक उद्योग से निजी सेवा, निर्माण और अनौपचारिक इकाइयों की ओर ले जाया। उत्पादन और कुछ कुशल नौकरियाँ बढ़ीं; सुरक्षा और नियमित कारखाना काम पिछड़ा। पीएलआई खुली अर्थव्यवस्था के भीतर विनिर्माण नौकरियाँ गाढ़ी करने का प्रयास है, लाइसेंस राज की वापसी नहीं।
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क्या 1991 ने कुल रोजगार घटाया?
जनसंख्या और जीडीपी के साथ कुल काम बढ़ा। बदलाव मिश्रण और गुणवत्ता का है, सभी नौकरियों का सरल पतन नहीं।
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क्या पीएलआई एनईपी का अस्वीकार है?
नहीं। यह खुली व्यापार व्यवस्था के भीतर औद्योगिक नीति है, गाढ़े विनिर्माण के लिए, लाइसेंस राज की वापसी नहीं।
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