Revision summary
नीति आयोग ने 1 जनवरी 2015 को योजना आयोग की जगह नीति थिंक टैंक के रूप में ली। उद्देश्यों में सहकारी संघवाद, दीर्घकालिक रणनीति, नीचे-से-ऊपर नियोजन और एसडीजी निगरानी हैं। वह योजना धन नहीं देता; बजट और वित्त आयोग राजकोषीय अंतरण करते हैं। योजना आयोग पंचवर्षीय योजनाओं और केंद्र-राज्य सौदे से संसाधन बाँटता था। नीति की मुख्यमंत्रियों की शासी परिषद वह संघीय मेज है जो पुराना आयोग कभी पूरा नहीं बना।
Model answer
Introduction
नीति आयोग 1 जनवरी 2015 को केंद्र के नीति थिंक टैंक के रूप में बना, जब योजना आयोग समाप्त हुआ। उसके प्रमुख उद्देश्य सहकारी संघवाद, दीर्घकालिक रणनीति और निगरानी हैं, राज्यों की योजनाओं के लिए केंद्रीय चेक नहीं। योजना आयोग से अंतर इसलिए कार्यालय नाम जितना सिद्धान्त का भी है।
Body
प्रमुख उद्देश्य
- सहकारी संघवाद बढ़ाना ताकि राज्यों को राष्ट्रीय नीति में वास्तविक सीट मिले, केवल योजना धन की कतार नहीं।
- रणनीतिक और दीर्घकालिक नीति डिज़ाइन करना तथा संघ और राज्यों के लिए ज्ञान और नवाचार केंद्र बनना।
- एक-आकार पंचवर्षीय योजना आदत समाप्त करना और गाँव-जिले से नीचे-से-ऊपर नियोजन सहारा देना।
- कार्यक्रमों और सतत विकास लक्ष्यों की निगरानी, एसडीजी इंडिया सूचकांक तथा आकांक्षी जिले और ब्लॉक सहित।
- आर्थिक सुधार, मानव विकास और प्रौद्योगिकी पर सलाह, जबकि वार्षिक बजट आवंटन वित्त मंत्रालय के पास रहे।
सिद्धान्त और कार्य बनाम योजना आयोग
- योजना आयोग (1950–2014) संसाधन-आवंटन निकाय था: पंचवर्षीय योजनाएँ, योजना और गैर-योजना विभाजन, तथा उपाध्यक्ष जो मुख्यमंत्रियों से केंद्रीय सहायता पर सौदा करते थे।
- नीति आयोग सलाहकार है। वह योजना धन नहीं बाँटता; संघ बजट और वित्त आयोग अंतरण राजकोषीय भार उठाते हैं।
- सिद्धान्त: आयोग ऊपर-से-नीचे, केंद्र-सब-जानता है भाषा बोलता था। नीति का घोषित सिद्धान्त टीम इंडिया है — मुख्यमंत्रियों और उपराज्यपालों की शासी परिषद, तथा राज्य समूहों के लिए क्षेत्रीय परिषदें।
- कार्य: आयोग राष्ट्रीय योजना अध्याय लिखता था। नीति रणनीति पत्र, डैशबोर्ड और सुधार मेनू (कृषि, स्वास्थ्य, ऊर्जा, नगर) लिखती है जिन्हें राज्य अपना सकता है।
- आयोग पुराने वृद्धि मॉडल की लाइसेंस-परमिट राजनीति के निकट बैठा। नीति प्रतिस्पर्धी संघवाद के साथ बैठती है — राज्यों की रैंकिंग, श्रेष्ठ अभ्यास साझा करना, व्यापार सुगमता — जो अलग प्रोत्साहन मशीन है।
टिप्पणी यह है कि नीति बेहतर संघीय मेज है और कमजोर पर्स। यह डिज़ाइन से है: थिंक टैंक योजना आयोग का चेक नहीं बदल सकता, और दिखावा नहीं करना चाहिए।
Flow diagram
flowchart TD PC[योजना आयोग 1950-2014] --> A[पंचवर्षीय योजना आवंटन] N[नीति आयोग 2015] --> C[सहकारी संघवाद] N --> T[थिंक टैंक रणनीति] N --> S[एसडीजी और आकांक्षी जिले] C --> G[मुख्यमंत्रियों की शासी परिषद] A --> X[पर्स नीति के पास नहीं]
Conclusion
नीति आयोग के प्रमुख उद्देश्य सहकारी संघवाद, दीर्घकालिक रणनीति, ज्ञान सहारा और एसडीजी-शैली निगरानी हैं। योजना आयोग के विपरीत वह पंचवर्षीय योजना धन नहीं बाँटता और मुख्यमंत्रियों की परिषद से काम करता है, केंद्रीय योजना सौदे से नहीं। बदलाव आदेश नियोजन से सलाहकार, प्रतिस्पर्धी-संघीय थिंक टैंक की ओर है।
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क्या नीति आयोग संघ बजट बनाता है?
नहीं। वह सलाह देता है। वार्षिक अनुमान अभी वित्त मंत्रालय और संसद से जाते हैं।
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क्या योजना आयोग संविधान में था?
नहीं। आयोग और नीति दोनों अतिरिक्त-संवैधानिक कार्यकारी निकाय हैं। वित्त आयोग संवैधानिक राजकोषीय रेफरी रहता है।
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