Q10 · UPPSC PCS मुख्य परीक्षा 2019 · GS III · 8 अंक · कक्ष में ~125 शब्द · 2 min read

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'डिजिटल अधिकार' क्या होते हैं? इनके उद्देश्यों की विवेचना कीजिए।

विषय: Economic planning and NITI Aayog. पाठ्यक्रम: Economic planning in India: objectives and achievements. Role of NITI Aayog, Pursuit of Sustainable Development Goals (SDGs). वही आधिकारिक प्रश्न वर्ष 2019 और Economic planning and NITI Aayog से।

Revision summary

डिजिटल अधिकार इंटरनेट, उपकरण और डेटा पर लागू मानव अधिकार हैं। वे पहुँच, वाक्, निजता, सुरक्षा और सम्यक् प्रक्रिया कवर करते हैं। पुट्टस्वामी 2017 ने डिजिटल युग में निजता को मौलिक अधिकार पढ़ा। उद्देश्य: गरिमा, समान पहुँच, लोकतांत्रिक जवाबदेही, निष्पक्ष बाजार, विधिपूर्ण सुरक्षा। आईटी अधिनियम, ट्राई नेट न्यूट्रैलिटी, श्रीकृष्ण कार्य और डीपीडीपी 2023 भारत की वैधानिक रेल हैं।

Model answer

Introduction

डिजिटल अधिकार इंटरनेट, उपकरण और डेटा पर लागू मानव अधिकार और नागरिक हक हैं—नेटवर्क जीवन में वाक्, निजता, पहुँच और सम्यक् प्रक्रिया। वे अलग विलास सूची नहीं; वे अनुच्छेद 19 और 21 का डिजिटल पाठ हैं, जैसा उच्चतम न्यायालय ने न्यायमूर्ति के.एस. पुट्टस्वामी (2017) में किया।

Body

अर्थ

  • पहुँच का अधिकार: किफायती, गैर-भेदभावपूर्ण कनेक्टिविटी ताकि स्कूल, कल्याण और न्यायालय स्मार्टफोन के बिना बंद न हों।
  • ऑनलाइन स्वतंत्र और निष्पक्ष अभिव्यक्ति व सूचना, ऑफ़लाइन वाक् जैसी युक्तियुक्त पाबंदियों के अधीन, मोटी निजी सेंसरशिप नहीं।
  • निजता और डेटा संरक्षण: व्यक्तिगत डेटा पर नियंत्रण, प्रयोजन सीमा, और विधिविरुद्ध निगरानी से रक्षा।
  • तंत्र और पहचान की सुरक्षा: डॉक्सिंग, धोखा और चोरी क्रेडेंशियल से रक्षा।
  • प्रक्रियात्मक अधिकार: जब राज्य इंटरनेट रोके, सामग्री हटाए या यूज़र डेटा माँगे तब नोटिस, सुनवाई और स्वतंत्र निगरानी।

उद्देश्य

  • गरिमा और स्वायत्तता: व्यक्ति को प्रोफाइल में न घटाया जाए जिसे फर्म या राज्य बिना सहमति खनन करें।
  • समता: नेट न्यूट्रैलिटी (ट्राई 2018) और सार्वजनिक पहुँच बिंदु दो-स्तरीय इंटरनेट रोकने की कोशिश करते हैं जहाँ गरीब को बंद बगीचा मिले।
  • लोकतांत्रिक जवाबदेही: ऑनलाइन वाक् और जानने का अधिकार (आरटीआई, ओपन डेटा) को ऐसे नेटवर्क चाहिए जो मनमाने ढंग से बंद न हो।
  • नवाचार और निष्पक्ष बाजार: पोर्टेबिलिटी और अनन्य लॉक-इन की सीमाएँ यूज़र को मंच बदलने देती हैं।
  • अधिकारों के साथ सुरक्षा: साइबर अपराध क़ानून धोखा और नेट के आतंक प्रयोग दंडित करे, प्रत्येक नागरिक को डिफ़ॉल्ट संदिग्ध बनाए बिना।
  • भारत की रेल: आईटी अधिनियम, 2000 (मध्यस्थ नियम सहित), आधार न्यायशास्त्र, श्रीकृष्ण समिति (2018) डेटा-संरक्षण क़ानून पर, और बाद का डिजिटल व्यक्तिगत डेटा संरक्षण अधिनियम, 2023, इन उद्देश्यों को क़ानून में लिखने के नामित प्रयास हैं।

Flow diagram

flowchart TD
  DR[डिजिटल अधिकार] --> A[पहुँच नेट न्यूट्रैलिटी]
  DR --> E[अभिव्यक्ति सूचना]
  DR --> P[निजता डेटा संरक्षण]
  DR --> D[सम्यक् प्रक्रिया हटाना बंद]
  A --> O[गरिमा समता लोकतंत्र]
  E[E] --> O[O]
  P[P] --> O[O]
  D[D] --> O[O]

Conclusion

डिजिटल अधिकार नेटवर्क पर लागू ऑफ़लाइन स्वतंत्रताएँ हैं: पहुँच, वाक्, निजता, सुरक्षा और सम्यक् प्रक्रिया। उनके उद्देश्य गरिमा, पहुँच की समता, लोकतांत्रिक बहस, निष्पक्ष बाजार और विधिपूर्ण सुरक्षा हैं। उनके बिना डिजिटल इंडिया एक वितरण पाइप है जो देख भी सकता है, बाहर भी कर सकता है, या चुप भी करा सकता है।

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