Revision summary
मिशन शक्ति 2020 से उ.प्र. का चरणबद्ध छतरी अभियान है: महिला सुरक्षा, सम्मान, आत्मनिर्भरता। उद्देश्य 1090, पुलिस हेल्प-डेस्क, सीसीटीवी, आत्मरक्षा और आजीविका खिड़कियों से चलते हैं। सफलता प्राथमिकता, रिपोर्टिंग और प्रथम-संपर्क डेस्क पर मजबूत है। दोषसिद्धि, ग्रामीण रात्रि आवागमन और आय पटरियाँ पोस्टर से पीछे हैं। मिशन सुरक्षा अभियान के रूप में पर्याप्त सफल है और पूर्ण आत्मनिर्भरता के रूप में केवल आंशिक।
Model answer
Introduction
मिशन शक्ति उत्तर प्रदेश का महिला सुरक्षा, सम्मान और आत्मनिर्भरता का छतरी अभियान है, 2020 से समयबद्ध चरणों में पुलिस डेस्क, हेल्पलाइन, आत्मरक्षा और आजीविका खिड़कियों के साथ। उद्देश्य स्पष्ट हैं। सफलता दृश्यता और पहुँच पर वास्तविक है, और दोषसिद्धि, आवागमन तथा वैतनिक कार्य पर अभी आंशिक है।
Body
कार्यक्रम के उद्देश्य
- कथित लक्ष्य सार्वजनिक स्थान, थाने और घरों को महिलाओं के लिए सुरक्षित बनाना है, और सुरक्षा को गरिमा तथा आर्थिक आत्मनिर्भरता से जोड़ना, उन्हें अलग फाइल न मानना।
- परिचालन खिड़कियों में 1090 महिला हेल्पलाइन, थानों में महिला हेल्प-डेस्क, सीसीटीवी और प्रकाश अभियान, छेड़छाड़-रोधी गश्त, और समयबद्ध मिशन शक्ति चरण शामिल हैं जो जनपदों को शिविरों से भरते हैं।
- आत्मरक्षा प्रशिक्षण, विधिक-साक्षरता शिविर और विद्यालय-महाविद्यालय पहुँच छात्रा के सड़क मानचित्र को बदलने का प्रयास करते हैं।
- आजीविका और एसएचजी-कैंटीन पटरियाँ, बाद में उसी मिशन के अधीन ब्रांड, “सम्मान” को आय बनाना चाहती हैं ताकि सुरक्षा केवल एफआईआर आँकड़ा न रहे।
- वन स्टॉप सेंटर, 181 और संबंधित संघ योजनाएँ इस राज्य छतरी के भीतर बैठें ताकि शिकायत का अगला कमरा हो।
कहाँ तक सफल है
- राजनीतिक और प्रशासनिक प्राथमिकता के रूप में सफल रहा है: हेल्प-डेस्क, हेल्पलाइन कॉल मात्रा और सार्वजनिक शिविरों ने महिला सुरक्षा को अवशिष्ट थाना कर्तव्य की जगह नामित जनपद लक्ष्य बनाया।
- अभियान के कई वर्षों में उत्पीड़न और घरेलू हिंसा की रिपोर्टिंग बढ़ी, जो पहुँच की सफलता है भले अपराध ग्राफ बुरा दिखे।
- गुलाबी बूथ, सीसीटीवी और मेला-घाट पर महिला कर्मी नगर में दृश्य राज्य बदले; ग्रामीण रात्रि आवागमन और आरोप पत्र के बाद दोषसिद्धि कमजोर आधा रहते हैं।
- आजीविका खिड़कियाँ सुरक्षा पोस्टर से पतली हैं: एसएचजी कैंटीन और कौशल शिविर हैं, किंतु सुरक्षा रैलियों के पैमाने से अभी नहीं मिलते।
- संघ निर्भया, ओएससी और एनआरएलएम फाइलों से अतिव्याप्ति उसी डेस्क को मिशन शक्ति “उपलब्धि” के रूप में दोहरी गिन सकती है।
आलोचनात्मक अंक
- जागरूकता और प्रथम-संपर्क पुलिसिंग पर मिशन पर्याप्त सफल है।
- दोषसिद्धि, कार्यस्थल सुरक्षा और आर्थिक आत्मनिर्भरता पर केवल आंशिक सफल है।
- न्यायपूर्ण उत्तर इसलिए छतरी का श्रेय देता है और शिविर फोटो को उद्देश्य पूरा मानने से इनकार करता है।
Flow diagram
flowchart TD O[सुरक्षा सम्मान आत्मनिर्भरता] --> H[1090 और हेल्प-डेस्क] O --> C[शिविर और सीसीटीवी] O --> L[एसएचजी आजीविका] H --> P[आंशिक सफलता] C[C] --> P[P] L --> G[पतली आजीविका पटरी]
Conclusion
मिशन शक्ति के उद्देश्य हेल्पलाइन, पुलिस डेस्क, शिविर और आजीविका खिड़कियों से महिला सुरक्षा, सम्मान और आत्मनिर्भरता हैं। उत्तर प्रदेश दृश्यता और प्रथम संपर्क पर दूर गया है। विचार, ग्रामीण आवागमन और वैतनिक कार्य पर कम दूर गया है, इसलिए सफलता सुरक्षा डेस्क पर पर्याप्त है और मिशन के पूरे त्रिक पर आंशिक।
Quick related
Students also ask
-
Explain the objectives and composition of “NITI Aayog”. What are its significant achievements?
Next question in the 2022 paper (Q13). View answer →
-
क्या मिशन शक्ति संघ योजना है?
नहीं। यह उत्तर प्रदेश अभियान है। यह संघ निर्भया, ओएससी और आजीविका मिशनों से अभिसरण करता है।
-
क्या एफआईआर बढ़ना मिशन की विफलता है?
स्वतः नहीं। अधिक रिपोर्टिंग का अर्थ डेस्क चल रहा हो सकता है। विफलता तब है जब एफआईआर आरोप पत्र और आजीविका न बने।
समान विषय · पिछले पेपर
UPPSC ने यह पहले भी पूछा है
ये पिछले वर्षों के प्रश्न उसी विषय पर हैं। अभ्यास के लिए खोलें।
-
2021 · Q12 · UPGS2 · 12 marks
Describing the composition and functions of the Central Vigilance Commission, analyse its limitations.
More from this paper
Q1 · UPSC Mains 2022 · UPGS2 · 8 marks · Solution
ई-गवर्नेन्स से सम्बन्धित “उमंग योजना” की मुख्य विशेषताएँ बताइए।
Welfare schemes
उमंग नई पीढ़ी के शासन हेतु एकीकृत मोबाइल और वेब ऐप है, जिसे नवंबर 2017 में मीटी और एनईजीडी ने शुरू किया। एक लॉगिन अनेक केंद्रीय और राज्य सेवाएँ देता है, अलग विभाग ऐप नहीं। आधार, डिजिलॉकर और भुगतान उसी पटरी पर हैं। सूची बहुभाषी और खोजने योग्य है। मंच तभी चलता है जब विभाग मॉड्यूल जीवित रखें।
Q2 · UPSC Mains 2022 · UPGS2 · 8 marks · Solution
गरीबी और भूख के मूल कारण क्या हैं? इनको दूर करने के लिए क्या सरकारी नीतियाँ लागू की गई हैं?
Welfare schemes
गरीबी और भूख असुरक्षित कमाई, असमान भूमि-सामाजिक पहुँच तथा कमजोर स्वास्थ्य-शिक्षा पर टिकती हैं। जलवायु और प्रदाय रिसाव झटके को दीर्घ भूख बनाते हैं। एनएफएसए 2013 और पीएमजीकेएवाई अनाज तल देते हैं; मनरेगा ग्रामीण मजदूरी देती है। एनआरएलएम, पीएमएवाई-जी, पीएम पोषण, पोषण अभियान और आईसीडीएस आजीविका, आवास और पोषण पर वार करते हैं। अनाज राशन स्वयं सूक्ष्म-पोषक भूख नहीं मिटाता।
Q3 · UPSC Mains 2022 · UPGS2 · 8 marks · Solution
नीति निर्माण प्रक्रिया में गैर-सरकारी संगठनों की भूमिका का विवेचन कीजिए।
Indian Constitution
एनजीओ क्षेत्रीय विफलता को अभियान बनाकर नीति गढ़ते हैं जो बाद में क़ानून बनती है। वे टिप्पणी, आदर्श विधेयक और पायलट देते हैं जिन्हें मंत्रालय और समितियाँ इस्तेमाल करती हैं। नीति आयोग, सामाजिक लेखा, स्थायी समितियाँ, मीडिया और जनहित याचिका सामान्य द्वार हैं। एफसीआरए और दाता खाके भारतीय संघीय डिजाइन की मदद या विकृति कर सकते हैं। एनजीओ सलाह और निगरानी करते हैं; क़ानून नहीं बनाते।