Revision summary
सुगम्य भारत अभियान 3 दिसंबर 2015 को शुरू एक्सेसिबल इंडिया कैंपेन है। तीन स्तम्भ सुगम्य भवन, परिवहन और आईसीटी हैं। यह दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम, 2016 और भारत की यूएनसीआरपीडी प्रतिबद्धता को चालू करता है। महत्व गरिमा, श्रम, शिक्षा और उपयोगी ई-गवर्नेंस है। डिलिवरी अभी राज्यों, नगरपालिकाओं और ईमानदार लेखा पर निर्भर है, केवल संघ डैशबोर्ड पर नहीं।
Model answer
Introduction
सुगम्य भारत अभियान, या एक्सेसिबल इंडिया कैंपेन, 3 दिसंबर 2015 को दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग द्वारा शुरू किया गया। भूमिका और महत्व की टिप्पणी को सुगम्यता को दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम का कर्तव्य मानना चाहिए, दान-वास्तुकला नहीं।
Body
भूमिका
- अभियान संघ का प्रमुख कार्यक्रम है ताकि निर्मित पर्यावरण, परिवहन तथा सूचना और संचार प्रौद्योगिकी दिव्यांगजन के लिए उपयोगी हों।
- निर्मित-पर्यावरण लेखापरीक्षा और रेट्रोफिट सरकारी भवन, विमानपत्तन और लोक कार्यालयों पर रैंप, शौचालय, संकेत और स्पर्श पथ लक्षित करते हैं।
- परिवहन सुगम्यता विमानपत्तन, रेल और नगर बसें ढकती है: लिफ्ट, आरक्षित कोच, श्रव्य-दृश्य घोषणाएँ और दिव्यांग-मित्र स्टेशन।
- आईसीटी सुगम्यता अधिसूचित भारतीय मानकों वाले वेबसाइट, ऐप और लोक दस्तावेज माँगती है ताकि स्क्रीन-रीडर उपयोगकर्ता ई-गवर्नेंस से बाहर न रहे।
- भूमिका समन्वयात्मक है: विभाग लक्ष्य और डैशबोर्ड तय करता है; मंत्रालय, राज्य, नगर निकाय और केंद्रीय उद्यम वास्तव में पुनर्निर्माण और पुनः डिजाइन करें।
महत्व
- अनुच्छेद 21 और 14, दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम, 2016 के साथ, युक्तियुक्त समायोजन को विधिक कर्तव्य बनाते हैं; सुगम्य भारत उस कर्तव्य का कार्यक्रम चेहरा है।
- भारत यूएनसीआरपीडी का पक्ष है; दुर्गभ्य न्यायालय, मतदान केंद्र या सीएससी बड़ी अल्पसंख्या के लिए डिजिटल भारत और चुनावी लोकतंत्र अधूरे छोड़ते हैं।
- आर्थिक महत्व: सुगम्य कार्यस्थल और परिवहन श्रम-शक्ति भागीदारी बढ़ाते हैं; दुर्गभ्य विद्यालय शिक्षा के अधिकार को व्यर्थ करते हैं।
- सामाजिक महत्व: स्वतंत्र आवागमन की गरिमा ढोए जाने की संस्कृति बदलती है; पर्यटन और स्मार्ट सिटी दावे तभी विश्वसनीय जब सड़क और शौचालय बैसाखी और व्हीलचेयर के लिए चलें।
- महत्व संघीय भी है: राज्य मिलान निधि और नगर उपविधियों के बिना संघ अभियान अनिरीक्षित भवनों पर लोगो रहता है।
Flow diagram
flowchart TD S[सुगम्य भारत 2015] --> B[निर्मित पर्यावरण] S --> T[परिवहन] S --> I[आईसीटी] B --> R[आरपीडब्ल्यूडी यूएनसीआरपीडी अनुच्छेद 21] T --> R I --> R
Conclusion
सुगम्य भारत की भूमिका भवन, परिवहन और आईसीटी का लेखा और रेट्रोफिट है ताकि दिव्यांगजन लोक चौक का उपयोग कर सकें। महत्व संवैधानिक, अंतरराष्ट्रीय और विकासात्मक है: सुगम्यता वह तरीका है जिससे समानता और डिजिटल भारत घोषित नहीं, उपयोगी बनते हैं।
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क्या सुगम्य भारत केवल व्हीलचेयर रैंप है?
नहीं। रैंप निर्मित-पर्यावरण की एक वस्तु है। अभियान परिवहन और आईसीटी भी ढकता है, जिनमें संवेदी दिव्यांगता के लिए वेबसाइट और संकेत शामिल हैं।
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क्या आरपीडब्ल्यूडी अधिनियम ने अभियान को बदल दिया?
नहीं। अधिनियम विधिक कर्तव्य है। सुगम्य भारत क्रियान्वयन अभियान है जो उस कर्तव्य को भवन, कोच और कोड में दिखाने का प्रयास करता है।
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