Q3 · UPPSC PCS मुख्य परीक्षा 2019 · GS II · 8 अंक · कक्ष में ~125 शब्द · 1 min read

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“लोकसेवा का परंपरागत गुण तटस्थता रहा है।” व्याख्या करें।

विषय: Civil Services in a democracy. पाठ्यक्रम: Role of Civil Services in a democracy. वही आधिकारिक प्रश्न वर्ष 2019 और Civil Services in a democracy से।

Revision summary

तटस्थता का अर्थ है स्थायी सेवा किसी भी विधिपूर्ण सरकार को दल मशीन बने बिना लागू करे। यह अवैध आदेश के विरुद्ध अंकित असहमति देता है; नैतिक सुन्नता नहीं है। अनुच्छेद 311, यूपीएससी और आचरण नियम उस परंपरा के भारतीय ताले हैं। स्थानांतरण और प्रतिबद्ध-अधिकारी राजनीति मुख्य तनाव हैं। मंत्री को राजनीति रखनी चाहिए; अधिकारी को फाइल और विधि।

Model answer

Introduction

यहाँ तटस्थता का अर्थ स्थायी, योग्यता-आधारित लोकसेवा है जो सदन रखने वाले किसी भी मंत्रालय की विधिपूर्ण नीति लागू करे, बिना दल कैडर बने। परंपरा वेस्टमिंस्टर की है; भारतीय संविधान अखिल भारतीय और केंद्रीय सेवाओं, आचरण नियमों और सिद्धांततः पदावधि सुरक्षा से उसे रखता है।

Body

परंपरा का अर्थ

  • तटस्थता राजनीतिक निष्पक्षता है: वही सचिव नए मंत्री को फाइल से ब्रीफ करे, पिछली सरकार के घोषणापत्र से नहीं।
  • यह नैतिक उदासीनता नहीं; अधिकारी अभी संविधान, वित्तीय औचित्य और विधि का ऋणी है, अवैध आदेश पर असहमति अंकित करने के कर्तव्य सहित।
  • गुमनामी और स्थायित्व तटस्थता सहारा देते हैं: मंत्री सार्वजनिक रूप से जवाबदेह है, लोकसेवक राज्य की निरंतर स्मृति है।

भारत ने इसे कैसे बाँधा

  • अनुच्छेद 311, संघ लोक सेवा आयोग भर्ती और केंद्रीय सिविल सेवा (आचरण) नियम दल कार्य, चुनावी प्रचार और सेवारत अधिकारी द्वारा सार्वजनिक राजनीतिक हमला रोकते हैं।
  • अखिल भारतीय सेवाएँ संघ और राज्यों दोनों की सेवा के लिए हैं ताकि लखनऊ या दिल्ली में दल बदलने से सचिवालय खाली न हो।

गुण पर तनाव

  • बार-बार स्थानांतरण, ‘प्रतिबद्ध’ अधिकारियों की पसंद और सेवानिवृत्ति के बाद राजनीतिक नियुक्तियाँ सलाह और निष्ठा की रेखा धुंधला करती हैं।
  • गठबंधन और लोकलुभावन दबाव कलेक्टर से दल-मुख प्रबंधक माँगते हैं, जो परिदान है, तटस्थता नहीं, यदि विधि मुड़े।
  • परंपरा तभी बचती है जहाँ फाइल कारण लिखे और राजनीतिक चुनाव मंत्री का हो, अधिकारी का नहीं।

Flow diagram

flowchart TD
  C[संविधान और विधि] --> S[स्थायी लोकसेवा]
  S --> M[दिन का मंत्री]
  M --> P[राजनीतिक जवाबदेही]
  S --> N[दल कैडर भूमिका नहीं]

Conclusion

लोकसेवा तटस्थता संविधान और दिन की सरकार की सेवा की आदत है, दल की सेवा के बिना। यह भारतीय सेवाओं का परंपरागत गुण बना रहता है, पर स्थानांतरण और प्रतिबद्ध-अधिकारतंत्र की भाषा उसे लगातार जाँचते हैं।

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  • क्या तटस्थता का अर्थ है अधिकारी घोषणापत्र वादे के विरुद्ध सलाह न दे?

    नहीं। तटस्थता वैधता, लागत और व्यवहार्यता पर स्पष्ट सलाह माँगती है। विधिपूर्ण मंत्रिमंडल निर्णय के बाद अधिकारी उसे लागू करता है।

  • क्या प्रतिबद्ध अधिकारतंत्र तटस्थता का विपरीत है?

    यदि प्रतिबद्धता संविधान और पेशेवर मानकों से है, तो फिट बैठती है। यदि दल से निष्ठा है, तो परंपरा टूटती है।

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