Revision summary
अनुच्छेद 74–75 प्रधानमंत्री को सामूहिक रूप से उत्तरदायी परिषद् का प्रधान बनाते हैं। उभरती भूमिका मजबूत पीएमओ, बहुमत-काल एजेंडा नियंत्रण और लोक विदेश-नीति ब्रांड है। नीति और केंद्रीय मिशन प्रधानमंत्री को संघीय योजनाओं का चेहरा बनाते हैं। राज्य सभा, न्यायालय और राज्य अभी प्रभावी पद रोकते हैं। भारत राष्ट्रपति गणतंत्र नहीं बना; उसके पास भारी संसदीय प्रधानमंत्री है।
Model answer
Introduction
प्रधानमंत्री अनुच्छेद 74 और 75 के अधीन मंत्रिपरिषद् के प्रधान हैं, किंतु पद की उभरती भूमिका मजबूत पीएमओ, दूरदर्शित नेतृत्व और गठबंधन दशकों के बाद बहुमत राजनीति की कथा है। विवेचना को संवैधानिक केंद्र पिछले दशकों के राजनीतिक विस्तार से अलग करना चाहिए।
Body
संवैधानिक केंद्र
- राष्ट्रपति प्रधानमंत्री की अध्यक्षता वाली मंत्रिपरिषद् की सहायता और सलाह पर कार्य करते हैं; इसलिए वास्तविक कार्यपालिका प्राधिकार साधारण काल में राष्ट्रपति भवन नहीं, उस परिषद् में बैठता है।
- प्रधानमंत्री राष्ट्रपति द्वारा नियुक्त होते हैं, विभाग बाँटते हैं, विघटन सुझा सकते हैं, और लोक सभा के प्रति सामूहिक उत्तरदायित्व के कब्जे हैं।
- सरकारिया और बाद की पुंछी चर्चाओं ने प्रधानमंत्री को मुख्यमंत्रियों के साथ संघ का समन्वयक माना, दूरस्थ सम्राट नहीं।
क्या उभरा है
- प्रधानमंत्री कार्यालय छोटे सचिवालय से नीति क्लीयरिंग-हाउस बना: फाइलें, नियुक्तियाँ और अंतर-मंत्रालय झगड़े प्रायः क्लासिकल कैबिनेट समिति अकेले नहीं, पीएमओ डेस्क पर खत्म होते हैं।
- बहुमत जनादेश (विशेषकर 2014 के बाद) ने संघ कैबिनेट के भीतर क्षेत्रीय दलों का गठबंधन-कालीन वीटो घटाया और राष्ट्रपति-सदृश प्रचार शैली बढ़ाई, यद्यपि भारत संसदीय प्रणाली रहता है।
- नीति आयोग, डिजिटल प्रत्यक्ष लाभ अंतरण डैशबोर्ड और केंद्र-डिज़ाइन मिशन प्रधानमंत्री को सहकारी-प्रतिस्पर्धी संघवाद का लोक चेहरा बनाते हैं, बेहतर (गति) और बदतर (राज्य आवाज) दोनों के लिए।
- विदेश और सुरक्षा नीति—शिखर, नेबरहुड फर्स्ट और संकट बयान—प्रधानमंत्री रंगमंच बने; विदेश मंत्री अभी मंत्रालय चलाते हैं, किंतु ब्रांड प्रधानमंत्री का है।
- सोशल मीडिया और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार नागरिकों और सुरक्षा राज्य तक प्रत्यक्ष, अतिरिक्त-कैबिनेट चैनल जोड़ते हैं।
बाड़ जो अभी मायने रखती हैं
- बहुमत-रहित राज्य सभा, स्वतंत्र संवैधानिक कार्यालय, राज्य और न्यायिक समीक्षा अभी प्रभावी प्रधानमंत्री पर बाड़ लगाते हैं।
- सामूहिक उत्तरदायित्व क़ानून रहता है: जो प्रधानमंत्री कैबिनेट को परिषद् नहीं, दर्शक मानते हैं उन्हें अभी सदन का विश्वास चाहिए।
- उदय इसलिए एजेंडा-निर्धारण का केंद्रीकरण है, प्रधानमंत्री से राष्ट्रपति का लिखित परिवर्तन नहीं।
Flow diagram
flowchart TD PM[प्रधानमंत्री] --> Cab[कैबिनेट सामूहिक उत्तरदायित्व] PM --> PMO[पीएमओ समन्वय] PM --> Fed[राज्य नीति मिशन] PM --> FP[विदेश और सुरक्षा ब्रांड] LS[लोक सभा विश्वास] --> PM
Conclusion
प्रधानमंत्री की उभरती भूमिका कैबिनेट, पीएमओ, दल और भारत के बाहरी चेहरे की प्रधान समन्वयक है। बहुमत राजनीति और पीएमओ ने पद को गठबंधन वर्षों से आगे बढ़ाया। संविधान अभी संसदीय प्रमुख नामित करता है, इसलिए उदय राजनीतिक गुरुत्व है, मूक संशोधन नहीं।
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क्या प्रधानमंत्री राज्य के प्रधान हैं?
नहीं। राष्ट्रपति राज्य के प्रधान हैं। प्रधानमंत्री संसदीय कार्यपालिका में सरकार के प्रधान हैं।
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क्या बड़ा पीएमओ संविधान उल्लंघन है?
संविधान सचिवालय आकार नहीं बाँधता। विधिक परीक्षा लोक सभा के प्रति कैबिनेट उत्तरदायित्व है, पीएमओ में कितने अधिकारी बैठते हैं नहीं।
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