Q1 · UPPSC PCS मुख्य परीक्षा 2019 · GS II · 8 अंक · कक्ष में ~125 शब्द · 2 min read

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अटल भू-जल योजना के उद्देश्य व प्रभाव का वर्णन कीजिए।

विषय: Indian Constitution. पाठ्यक्रम: Indian Constitution — historical underpinnings, evolution, features, amendments, significant provisions and basic structure. वही आधिकारिक प्रश्न वर्ष 2019 और Indian Constitution से।

Revision summary

अटल भू-जल योजना चयनित संकटग्रस्त प्रखंडों की केंद्रीय क्षेत्र, विश्व बैंक-सहायता प्राप्त भूजल योजना है। उद्देश्य सामुदायिक जल सुरक्षा योजनाएँ और ड्रिलिंग से माँग प्रबंधन की ओर खिसकाव हैं। सात राज्यों में उत्तर प्रदेश पहले डिज़ाइन में है। प्रभाव बेहतर आँकड़े, कम अस्थिर पंपिंग और जलभृत पर पंचायत स्वामित्व के रूप में सोचा गया है। यदि बिजली और फसल प्रोत्साहन अति-दोहन को पुरस्कृत करते रहें तो प्रभाव सीमित रहता है।

Model answer

Introduction

अटल भू-जल योजना चयनित जल-संकटग्रस्त प्रखंडों में समुदाय-नेतृत्व वाले भूजल प्रबंधन की केंद्रीय क्षेत्र, विश्व बैंक-सहायता प्राप्त कार्यक्रम है। वर्णन में घोषित उद्देश्य और जलभृत, ग्राम पंचायत तथा राज्य एजेंसियों पर अपेक्षित प्रभाव दोनों आने चाहिए।

Body

उद्देश्य

  • योजना सात राज्यों, जिनमें उत्तर प्रदेश है, के अति-दोहित और जल-संकटग्रस्त प्रखंडों में भूजल स्तर के गिरने को रोकना चाहती है, आपूर्ति-पक्ष की ड्रिलिंग से माँग-पक्ष प्रबंधन की ओर खिसकाकर।
  • यह ग्राम पंचायत जल सुरक्षा योजनाएँ चाहती है जो स्रोत, उपयोग और पुनर्भरण नक्शेबद्ध करें, ताकि केवल सिंचाई विभाग नहीं, स्थानीय निकाय जलभृत बजट के मालिक हों।
  • संवितरण-संबद्ध संकेतक राज्यों को आँकड़े, सामुदायिक संस्थाएँ और भूजल व्यवहार में मापने योग्य सुधार के लिए पुरस्कृत करते हैं, केवल सिविल कार्य के लिए नहीं।

अपेक्षित प्रभाव

  • प्रभाव प्रेक्षण कूपों और सार्वजनिक आँकड़ों से बेहतर निगरानी के रूप में बनाया गया है, ताकि अति-दोहन कुआँ सूखने से पहले दिखे।
  • फसल-जल सलाह, पुनर्भरण संरचनाएँ और दक्ष सिंचाई चयनित प्रखंडों में अस्थिर पंपिंग काटने के लिए हैं।
  • संस्थागत प्रभाव पंचायत-स्तरीय नियोजन की आदत है जो परियोजना अवधि के बाद भी चल सकती है यदि राज्य प्रकोष्ठ और आँकड़े जीवित रखें।

प्रभाव की सीमा

  • योजना बिजली-शुल्क और फसल प्रोत्साहनों का स्थान नहीं लेती जो अभी नलकूप खनन धकेलते हैं, इसलिए प्रभाव आंशिक रहता है जब तक वे नीतियाँ साथ न चलें।
  • कवरेज प्रखंड-चयनित है, अखिल भारतीय नहीं, इसलिए राष्ट्रीय भूजल तनाव केंद्रीय भूजल बोर्ड और राज्य की व्यापक समस्या बना रहता है।

Flow diagram

flowchart TD
  S[सात राज्यों के संकटग्रस्त प्रखंड] --> W[जल सुरक्षा योजनाएँ]
  W --> D[माँग प्रबंधन और पुनर्भरण]
  D --> I[स्थिर भूजल]
  I --> R[परिणाम-आधारित केंद्रीय निधि]

Conclusion

अटल भू-जल योजना का उद्देश्य संकटग्रस्त प्रखंडों में सामुदायिक भूजल शासन है, परिणाम-आधारित वित्त के साथ। प्रभाव तभी वास्तविक है जहाँ जल सुरक्षा योजनाएँ पंपिंग और फसल बदलें, कागज़ी योजनाएँ नए बोरवेल के साथ नहीं।

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  • क्या अटल भू-जल योजना मुफ्त बोरिंग योजना है?

    नहीं। यह भूजल-प्रबंधन और सामुदायिक नियोजन योजना है, मुख्य उत्पाद के रूप में और सार्वजनिक नलकूप गाड़ने का कार्यक्रम नहीं।

  • क्या यह उत्तर प्रदेश के हर जिले को कवर करती है?

    नहीं। सात भागीदार राज्यों के केवल चिह्नित जल-संकटग्रस्त प्रखंड योजना डिज़ाइन में हैं।

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