Revision summary
चीनी मिलें पश्चिमी और पूर्वी यूपी की गन्ना पट्टी परिभाषित करती हैं। कानपुर और आगरा चमड़े में आगे; मुरादाबाद पीतल, फिरोजाबाद काँच, भदोही कालीन, वाराणसी रेशम। नोएडा-गाजियाबाद और कानपुर-लखनऊ अभियांत्रिकी तथा इलेक्ट्रॉनिक्स रेखा हैं। सोनभद्र विद्युत-सीमेंट और मथुरा परिष्करण ऊर्जा-खनिज धारा हैं। केंद्र अनेक हैं, बुंदेलखंड पतला है।
Model answer
Introduction
उत्तर प्रदेश भारत का सबसे अधिक जनसंख्या वाला राज्य और बड़ा कृषि-औद्योगिक बाजार है। संक्षिप्त वर्णन में चीनी और खाद्य को चमड़ा, धातु, विद्युत और नए एनसीआर इलेक्ट्रॉनिक्स पट्टी के साथ रखना चाहिए, केवल कुटीर सूची नहीं।
Body
कृषि-आधारित और शिल्प उद्योग
- चीनी पश्चिमी और पूर्वी गन्ना पट्टी का शास्त्रीय बड़ा उद्योग है, मुजफ्फरनगर, मेरठ, गोरखपुर और बस्ती के आसपास मिलों के साथ।
- चमड़ा और जूता कानपुर तथा आगरा में केंद्रित हैं; पीतल मुरादाबाद; काँच फिरोजाबाद; ताले अलीगढ़; कालीन भदोही-मिर्जापुर; रेशम वाराणसी; इत्र कन्नौज; खेल सामान मेरठ।
- ये शिल्प-कारखाना समूह राज्य के एक जनपद एक उत्पाद मानचित्र भी हैं, इसलिए जनपद नाम और उद्योग साथ चलते हैं।
अभियांत्रिकी, ऊर्जा और आधुनिक सेवाएँ
- कानपुर पुराना अभियांत्रिकी और वस्त्र केंद्र रहता है; गाजियाबाद और नोएडा-ग्रेटर नोएडा पट्टी ऑटोमोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स और सॉफ्टवेयर जोड़ते हैं।
- लखनऊ में सार्वजनिक क्षेत्र कर्मशालाएँ, फार्मा और बढ़ती आईटी-सेवा जेब है; प्रयागराज और वाराणसी मिश्र अभियांत्रिकी तथा खाद्य प्रसंस्करण जोड़ते हैं।
- मथुरा परिष्करण, फूलपुर और अन्य उर्वरक इकाइयाँ, तथा सोनभद्र की ओबरा-अनपरा विद्युत और सीमेंट पट्टी दक्षिण-पूर्व की खनिज-ऊर्जा रेखा हैं।
- कानपुर और लखनऊ के आसपास रक्षा और अंतरिक्ष-संबंधी इकाइयाँ इसी असैनिक मानचित्र के साथ बैठती हैं।
मानचित्र कैसे पढ़ा जाता है
- पश्चिमी यूपी और एनसीआर आधुनिक विनिर्माण में सघन हैं; पूर्व चीनी, खाद्य और हस्तशिल्प में मजबूत है; बुंदेलखंड पतला रहता है।
- इसलिए औद्योगिक केंद्र कानपुर, नोएडा-गाजियाबाद, लखनऊ, आगरा, मेरठ, वाराणसी, मुरादाबाद, फिरोजाबाद, अलीगढ़ और सोनभद्र हैं, एकमात्र मैनचेस्टर नहीं।
Flow diagram
flowchart TD A[चीनी चमड़ा शिल्प] --> W[पश्चिम और पूर्व नगर] E[नोएडा कानपुर लखनऊ अभियांत्रिकी] --> M[आधुनिक विनिर्माण] S[सोनभद्र मथुरा ऊर्जा] --> P[विद्युत और परिष्करण] W --> U[यूपी औद्योगिक मानचित्र] M --> U
Conclusion
यूपी के मुख्य उद्योग चीनी, चमड़ा, धातु शिल्प, कालीन और रेशम, अभियांत्रिकी, विद्युत, परिष्करण और एनसीआर इलेक्ट्रॉनिक्स हैं। प्रमुख केंद्र पश्चिमी औद्योगिक नगरों और नोएडा से कानपुर-लखनऊ होते हुए वाराणसी और सोनभद्र ऊर्जा पट्टी तक चलते हैं।
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क्या लखनऊ केवल प्रशासनिक नगर है?
नहीं। इसमें कर्मशालाएँ, फार्मा, आईटी सेवाएँ और रक्षा-संबंधी इकाइयाँ हैं, यद्यपि कानपुर और नोएडा भारी कारखाना केंद्र रहते हैं।
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यह मानचित्र पर बुंदेलखंड पतला क्यों है?
कमजोर जल, कनेक्टिविटी और ऐतिहासिक निवेश से बड़े संयंत्र कम हैं; औद्योगिक घनत्व गंगा मैदान और एनसीआर में है।
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