Revision summary
पूर्वांचल एक्सप्रेसवे लखनऊ से गाजीपुर लगभग 341 किमी, 2021 में खुली। वह पूर्वी जनपदों को एक उच्च-गति रीढ़ में बाँधती है। लाभ यात्रा समय, माल भाड़ा और खेत–ओडीओपी बाजार पहुँच हैं। इन्वेस्ट यू.पी. और बजट औद्योगिक भूमि सड़क पर रोजगार पिच हैं। फीडर, बिजली और वास्तविक संयंत्र तय करते हैं कि लाभ वास्तविक है।
Model answer
Introduction
पूर्वांचल एक्सप्रेसवे लखनऊ के पास चंद सराय से गाजीपुर के पास हैदरिया तक लगभग 341 किलोमीटर, छह-लेन यूपीईआईडीए सड़क है, 2021 में खुली। वह केवल तेज सवारी नहीं। वह राज्य की बाजी है कि पूर्वी उत्तर प्रदेश उस औद्योगिक मानचित्र से जुड़े जो पश्चिमी एक्सप्रेसवे पहले से पकड़े हैं।
Body
कनेक्टिविटी और समय
- वह लखनऊ–गाजीपुर यात्रा काटती है और बाराबंकी, अमेठी, सुलतानपुर, आजमगढ़, मऊ और गाजीपुर को एक उच्च-गति रीढ़ में बाँधती है।
- आपात लैंडिंग पट्टी और सेवा सड़कें डिजाइन विशेषताएँ हैं; माल और यात्री बस दैनिक प्रयोग हैं।
- वाराणसी, गोरखपुर और अन्य राष्ट्रीय राजमार्गों की कड़ियाँ रीढ़ को नेटवर्क बनाती हैं, जिससे एक्सप्रेसवे प्रदेश बनता है, रिबन नहीं।
आर्थिक लाभ
- संरेखण पर औद्योगिक भूमि, इन्वेस्ट यू.पी. द्वारा विपणित, एमएसएमई पार्क, रसद हब और खाद्य इकाइयों के लिए है जो पूर्वांचल मंडियों के ओडीओपी उपज पर चलें।
- पूर्व की बागवानी, दूध और शिल्प पश्चिमी बाजार और आईसीडी तक तेज पहुँचते हैं, जो कृषि-आय लाभ है, केवल कार लाभ नहीं।
- राज्य बजट और गति शक्ति ढाँचा सड़क को वृद्धि गलियारा मानते हैं: भूमि मूल्य, रोजगार और कर तभी आते हैं जब संयंत्र वास्तव में बैठें।
- सीमा अंतिम-मील सड़क, बिजली और कानून-व्यवस्था है; बिना फीडर एक्सप्रेसवे गाँव को अभी एक घंटा दूर छोड़ती है।
Flow diagram
flowchart TD E[पूर्वांचल एक्सप्रेसवे] --> T[कम यात्रा समय] E --> L[रसद खेत ओडीओपी] I[इन्वेस्ट यूपी औद्योगिक भूमि] --> J[रोजगार कर] L --> J
Conclusion
प्रमुख लाभ पूर्वांचल में बचा समय, ओडीओपी व खेत उपज की रसद रीढ़, और इन्वेस्ट यू.पी. व बजट-सहारा पार्कों से औद्योगिक भूमि पिच हैं। परियोजना क्षेत्रीय एकीकरण उपकरण है। वह तभी चुकती है जब कारखाने और माल, केवल कारें नहीं, छह लेन प्रयोग करें।
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क्या पूर्वांचल एक्सप्रेसवे बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे है?
नहीं। पूर्वांचल पूर्व की सेवा लखनऊ से गाजीपुर की ओर करती है। बुंदेलखंड अलग पश्चिमी–दक्षिणी संरेखण है।
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क्या एक्सप्रेसवे स्वयं एमएसएमई रोजगार बनाती है?
वह रीढ़ बनाती है। रोजगार तब आते हैं जब इन्वेस्ट यू.पी. भूमि और बजट पार्क इकाइयों से भरें, केवल डामर से नहीं।
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