Revision summary
आरपीए 1950 सीटें और नामावली देखता है; आरपीए 1951 संचालन, निरर्हता, भ्रष्ट आचरण और याचिकाएँ देखता है। अनुच्छेद 324 और ये अधिनियम निर्वाचन आयोग की कार्यकारी विधि बनाते हैं। दोषसिद्धि-जुड़ी निरर्हता और निर्वाचन याचिकाएँ कठोर केंद्र हैं। लंबित आपराधिक मामले, पेड न्यूज और दल अपारदर्शिता मुख्य आलोचनात्मक विफलताएँ हैं। मॉडल संहिता उन अंतरालों को भरती है जो अधिनियम अभी खुले छोड़ते हैं।
Model answer
Introduction
जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 और 1951, अनुच्छेद 324-329 के नीचे भारतीय चुनावों का सांविधिक कंकाल हैं। आलोचनात्मक दृष्टि कोड की पूर्णता की प्रशंसा करे फिर उन छिद्रों का नाम ले जिनसे अपराध, धन और कमजोर दलीय लोकतंत्र अभी प्रवेश करते हैं।
Body
मुख्य तत्व
- 1950 अधिनियम सीट आवंटन, परिसीमन कड़ी, निर्वाचक नामावली और संबंधित तंत्र देखता है; यह कौन मत दे और सीट कहाँ बैठती है का क़ानून है।
- 1951 अधिनियम संचालन संहिता है: सदस्यों की अर्हता-निरर्हता, चुनाव अधिसूचना, नामांकन, भ्रष्ट आचरण और निर्वाचन अपराध, निर्वाचन याचिकाएँ और दलों का पंजीकरण।
- साथ वे निर्वाचन आयोग को सांविधिक हैंडल देते हैं, जबकि अनुच्छेद 324 अधीक्षण का संवैधानिक भंडार रहता है।
जो काम करता है
- भ्रष्ट आचरण परिभाषाएँ, उच्च न्यायालयों में निर्वाचन याचिकाएँ और दोषसिद्धि के बाद धारा 8-सदृश आपराधिक निरर्हता प्रशासनिक परिपत्र की तुलना में वास्तविक दाँत हैं।
- लिली थॉमस (2013) ने बैठे सदस्यों की तीन-माह कुशन काट दी, जिससे 1951 निरर्हता तर्क सख्त हुआ।
आलोचनात्मक अंतराल
- आरोपपत्र और लंबित मामले स्वयं उम्मीदवार नहीं रोकते; मतदाता मतपत्र पर अभी कई अभियुक्त पाते हैं।
- पेड न्यूज, अंतःदलीय लोकतंत्र और अपारदर्शी दल वित्त 1951 ढाँचे में योगदान और शपथपत्र नियमों के बाद भी कमजोर बैठते हैं।
- अधिनियम मॉडल आचार संहिता को बड़ा स्थान छोड़ते हैं, जो नैतिक रूप से मजबूत और क़ानून से पतली है, इसलिए प्रवर्तन विषम दिखता है।
Flow diagram
flowchart TD A1950[आरपीए 1950 नामावली और सीटें] --> E[स्वतंत्र निष्पक्ष मत] A1951[आरपीए 1951 संचालन और याचिका] --> E G[अपराध धन पेड न्यूज] --> E
Conclusion
आरपीए युग्म नामावली, संचालन, भ्रष्ट आचरण और याचिकाओं पर पूर्ण निर्वाचन संहिता है। आलोचनात्मक रूप से यह दोषसिद्धि से पहले अपराधीकरण, दल वित्त और पेड न्यूज कम नियंत्रित करता है, इसलिए स्वतंत्र-निष्पक्ष चुनाव को आयोग की ऊर्जा और बाद के विधायी पैच चाहिए।
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क्या आरपीए निर्वाचन आयोग बनाता है?
नहीं। अनुच्छेद 324 आयोग बनाता है। आरपीए विस्तृत निर्वाचन विधि देता है जिसका आयोग अधीक्षण करता है।
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क्या मॉडल संहिता का हर उल्लंघन 1951 के अधीन भ्रष्ट आचरण है?
नहीं। केवल वही जिसके अधिनियम भ्रष्ट आचरण या निर्वाचन अपराध कहे। कई संहिता उल्लंघन प्रशासनिक रहते हैं।
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