Revision summary
नगरीकरण जनसंख्या का नगर की ओर खिसकाव है; झुग्गियाँ असुरक्षित, कम सेवा आश्रय हैं। भारत में वे साथ चलती हैं क्योंकि नौकरियाँ और प्रवासी कानूनी आवास तथा नगर सेवाओं से आगे रहते हैं। झुग्गियाँ अनौपचारिक काम का सस्ता कमरा बाजार हैं, अक्सर बची भूमि पर। सिद्धांत में अविभाज्य नहीं: सार्वजनिक आवास और स्वत्व कड़ी काट सकते हैं। पक्ष भारतीय पैटर्न पर हाँ, नियति पर नहीं।
Model answer
Introduction
नगरीकरण नगरों में रहने वाली जनसंख्या के अंश का बढ़ना है। झुग्गियाँ उन नगरों के भीतर या किनारे भीड़ भरी, असुरक्षित और कम सेवा वाली बस्तियाँ हैं। भारत में वे अक्सर साथ आती हैं, किंतु वे प्रकृति का नियम नहीं हैं।
Body
वे इतनी बार साथ क्यों चलती हैं
- औद्योगिक और सेवा नौकरियाँ प्रवासियों को कानूनी आवास, भूमि अधिकार और नगर जल के विस्तार से तेज खींचती हैं, इसलिए अंतराल अनौपचारिक आश्रय भरता है।
- आकस्मिक और गिग काम को बंदरगाह, मिल, मंडी और अब मेट्रो केंद्रों के पास सस्ते कमरे चाहिए; झुग्गी वही आवास बाजार है, अलग संस्कृति नहीं।
- नगरीय भूमि राज्य, न्यास और निजी स्वामियों के पास है; जब गरीब औपचारिक भूखंड नहीं खरीद सकते, वे पटरी, नाले और बाढ़ मैदान की बची भूमि पर बैठते हैं।
- भारतीय जनगणना झुग्गी गणना और मुंबई, दिल्ली, कानपुर, लखनऊ जैसे बड़े नगर इस आवास विलंब को वृद्धि का सामान्य साथी दिखाते हैं।
‘अविभाज्य’ बहुत मजबूत क्यों है
- अविभाज्य का अर्थ होता कि हर नगर में झुग्गी होनी चाहिए। नियोजित कंपनी नगर, कुछ पूर्वी एशियाई आवास अभियान, और वित्तपोषित सार्वजनिक किराया स्टॉक दिखाते हैं कि नगरीकरण बहुत कम झुग्गी अंश के साथ चल सकता है।
- भारत में पीएमएवाई-शहरी, स्थल पर झुग्गी पुनर्विकास, और राज्य आवास बोर्ड कड़ी तोड़ने का प्रयास करते हैं, भले वितरण असमान हो।
- झुग्गी आवास और स्थानीय शासन की विफलता है, नगर का आवश्यक अंग नहीं।
पक्ष
- मैं सहमत हूँ कि भारत की वर्तमान राजनीतिक अर्थव्यवस्था में नगरीकरण और झुग्गियाँ कसकर जुड़ी हैं।
- मैं सिद्धांत में उन्हें अविभाज्य नहीं मानता; सेवा युक्त भूमि, किराया आवास, स्वत्व और ऐसी नौकरियाँ जो लोगों को नालों पर न धकेलें, जोड़े को ढीला कर सकती हैं।
Flow diagram
flowchart TD U[नगरीय नौकरी प्रवास] --> H[आवास विलंब] H --> S[झुग्गी अनौपचारिक आश्रय] P[सेवा भूमि किराया स्वत्व] --> B[कमजोर कड़ी] S --> Q[नियति नहीं]
Conclusion
भारतीय नगरों में नगरीकरण और झुग्गियाँ निकट साथी हैं क्योंकि नौकरियाँ कानूनी आवास से आगे चलती हैं। वे अविभाज्य नहीं: कड़ी नीति विफलता है, और 8 अंक उत्तर को भारतीय पैटर्न पर सहमत होना चाहिए तथा शब्द को नियति मानने से इनकार करना चाहिए।
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क्या सभी नगरीय गरीब झुग्गियों में हैं?
नहीं। कई एक कमरा किराए पर लेते हैं, कार्यस्थल पर रहते हैं, या औपचारिक आवास बाँटते हैं। झुग्गी नगरीय निर्धनता का एक आवास रूप है, पूरा नहीं।
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क्या नगर को झुग्गी-मुक्त बनाने से नगरीकरण रुकता है?
नहीं। यह बदलता है कि नगरीकरण कैसे आवास पाता है। यदि सेवा युक्त भूखंड और किराया हों तो लोग अभी नगर आ सकते हैं।
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ये पिछले वर्षों के प्रश्न उसी विषय पर हैं। अभ्यास के लिए खोलें।
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2019 · Q4 · UPGS1 · 8 marks
Write a note on the role of urban planning for development of basic civic amenities in slums.
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